जिंदगी का सही वसूल-
कवयित्री, लेखिका, वरिष्ठ पत्रकार- वन्दना जिंदगी का सही वसूल है परिश्रम...बिना परिश्रम के कुछ भी हासिल नही होता, जिंदगी जीने का...
कवयित्री, लेखिका, वरिष्ठ पत्रकार- वन्दना जिंदगी का सही वसूल है परिश्रम...बिना परिश्रम के कुछ भी हासिल नही होता, जिंदगी जीने का...